यहाँ **कक्षा 10वीं परीक्षा की तैयारी की पूरी रणनीति (Hindi में)** दी गई है, जोय
यहाँ उत्तर प्रदेश में उगाई जाने वाली धान की प्रमुख किस्मों का विस्तृत विवरण दिया गया है, जिसे तीन वर्गों में बाँटा गया है: सार्वजनिक किस्में, हाइब्रिड किस्में, और सुगंधित किस्में।
मध्यम अवधि वाली किस्म है।
दाने लंबे और पतले होते हैं।
पकने की अवधि: लगभग 135-140 दिन।
अच्छी खुशबू और स्वाद के लिए जानी जाती है।
सिंचित और असिंचित दोनों क्षेत्रों में उपयुक्त।
यह काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई किस्म है।
इसकी उपज अधिक होती है और यह रोग प्रतिरोधक है।
पकने में लगभग 130 दिन लेती है।
मध्य व पूर्वी यूपी के लिए उपयुक्त।
यह एक लोकप्रिय परंपरागत किस्म है।
स्वादिष्ट दाने और अच्छी सुगंध के लिए प्रसिद्ध।
सिंचाई और उचित देखभाल के साथ अच्छी उपज देती है।
यह एक मध्यम अवधि वाली किस्म है (125–135 दिन)।
उत्तम गुणवत्ता वाले सफेद दाने।
झुलसा रोग के प्रति प्रतिरोधी।
मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में उगाई जाती है।
यह उत्तर प्रदेश में विकसित की गई एक उच्च उत्पादकता वाली किस्म है।
पकने में लगभग 120-125 दिन का समय लेती है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है।
ये पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गईं किस्में हैं, परंतु यूपी में भी लोकप्रिय हैं।
कम पानी में भी अच्छी उपज।
पकने की अवधि: 110–120 दिन।
मध्यम ऊँचाई और झुकाव-रहित पौधे।
फाईफिल्ड हाइब्रिड बीज (Pioneer) द्वारा विकसित।
अत्यधिक उपज देने वाली किस्म।
पकने की अवधि: लगभग 120 दिन।
बेहतर रोग प्रतिरोधकता और अनाज की गुणवत्ता अच्छी।
कर्नाटक से विकसित एक हाइब्रिड किस्म।
पकने की अवधि: 115–125 दिन।
अधिक उपज और बेहतर दाने की गुणवत्ता।
उच्च जल उपयोग दक्षता।
एक अत्यधिक लोकप्रिय हाइब्रिड किस्म।
यह कम पानी में भी अच्छी उपज देती है।
दाने लंबे और चमकदार होते हैं।
पकने की अवधि: लगभग 120 दिन।
एक रिसर्च बेस्ड हाइब्रिड किस्म है।
यह रोग प्रतिरोधी और अधिक उपज देने वाली होती है।
पकने की अवधि लगभग 125 दिन।
पारंपरिक बासमती किस्म।
दाने पकने के बाद काफी लंबे हो जाते हैं।
स्वाद, खुशबू और गुणवत्ता बेहतरीन होती है।
निर्यात के लिए भी उपयुक्त।
वैज्ञानिकों द्वारा विकसित एक खुशबूदार किस्म।
पकने की अवधि: 135–140 दिन।
अच्छे स्वाद और लंबाई वाले दाने।
बासमती जैसी खुशबू और लंबे दानों के लिए प्रसिद्ध।
इसकी मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में है।
अधिकतर तराई क्षेत्रों में उगाई जाती है।
नई विकसित किस्म, जो बासमती की तुलना में जल्दी पकती है।
लंबे और पतले दाने, अच्छी खुशबू।
निर्यात में भी प्रयुक्त।
एक उच्च गुणवत्ता वाली सुगंधित किस्म।
पकने की अवधि: लगभग 125-130 दिन।
रोग प्रतिरोधकता अच्छी और दानों की चमक बेहतर।
जिले: गोरखपुर, देवरिया, बलिया, आज़मगढ़ आदि।
यहाँ अधिकतर भूमि सिंचित है और धान की खेती बड़े पैमाने पर होती है।
उपयुक्त किस्में: सार्जू 52, मालवीय 36, हंसराज, सुगंधित किस्में।
जिले: पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच।
यहाँ मिट्टी उपजाऊ होती है और वर्षा पर्याप्त होती है।
सुगंधित किस्मों की खेती के लिए आदर्श क्षेत्र।
जिले: कानपुर, बांदा, झांसी आदि।
वर्षा आधारित खेती अधिक होती है।
यहां पर अधिक उपज देने वाली हाइब्रिड किस्में (जैसे PHB 71, KRH 2) उपयुक्त हैं।
Comments
Post a Comment