यहाँ **कक्षा 10वीं परीक्षा की तैयारी की पूरी रणनीति (Hindi में)** दी गई है, जोय
📘 शिशुनाग वंश (412-344 ई.पू.) 📘
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✍️ हर्यंक वंश के बाद मगध पर शिशुनाग वंश का शासन था।
✍️ शिशुनाग शिशुगृह वंश का संस्थापक था।
✍️ वह अंतिम हर्यंक वंश के शासक नागदशक का मंत्री या अमात्य था।
✍️ उन्होंने नागदशक को मार डाला और 412 ई.पू. में शिशुनाग वंश की स्थापना की।
✍️ शिशुनाग ने अवंती, वत्स और कोसल के क्षेत्रों को मगध में मिला दिया।
✍️ शिशुनाग ने अपनी राजधानी को राजगृह से पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दिया।
✍️ बौद्ध सूत्रों के अनुसार वैशाली में उनकी एक माध्यमिक राजधानी भी थी।
✍️ पुराणों के अनुसार उनका उल्लेख काकवर्ण के रूप में किया गया था और सिंहल वर्णसंकर (श्रीलंकन ग्रंथ) के अनुसार उन्हें कलशोका के रूप में उल्लेख किया गया था।
✍️ 383 ई.पू. दूसरी बौद्ध परिषद का आयोजन वैशाली में कलशोका के प्रायोजन के तहत किया गया था।
✍️ शिशुनाग वंश का अंतिम शासक नंदीवर्धन था।
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