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विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction):

विस्थापन अभिक्रिया वह रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें एक तत्व किसी यौगिक में उपस्थित दूसरे तत्व को विस्थापित (स्थानापन्न) कर देता है। यह प्रतिक्रिया आमतौर पर धातुओं और अधातुओं के बीच होती है।

सामान्य समीकरण:

A+BCAC+BA + BC \rightarrow AC + B

जहां, AA सक्रिय तत्व है और BCBC यौगिक है।


उदाहरण:

  1. धातु का विस्थापन:
    जब जिंक (Zn) को कॉपर सल्फेट (CuSO₄) के जलीय विलयन में डाला जाता है, तो जिंक कॉपर को विस्थापित कर देता है।
Zn+CuSO4ZnSO4+CuZn + CuSO₄ \rightarrow ZnSO₄ + Cu

व्याख्या:

  • जिंक, कॉपर की तुलना में अधिक सक्रिय धातु है, इसलिए वह कॉपर को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है।
  1. अधातु का विस्थापन:
    जब क्लोरीन (Cl₂) को पोटैशियम ब्रोमाइड (KBr) के विलयन में डाला जाता है, तो क्लोरीन, ब्रोमीन को विस्थापित कर देता है।
Cl2+2KBr2KCl+Br2Cl₂ + 2KBr \rightarrow 2KCl + Br₂

व्याख्या:

  • क्लोरीन, ब्रोमीन की तुलना में अधिक इलेक्ट्रोनगेटिव है, इसलिए वह ब्रोमीन को विस्थापित कर देता है।

प्रयोग में महत्व:

  • धातुओं की सक्रियता श्रृंखला की पहचान के लिए।
  • उद्योगों में धातुओं के निष्कर्षण में।
  • रासायनिक यौगिकों के संश्लेषण में।

यह अभिक्रिया सरल और प्रभावशाली है, जो रसायन विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में उपयोगी है।

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